कोरोना में धोखा: इस्तेमाल ग्लव्स को धोकर दोबारा बेचने वाला गिरोह पकड़ा गया, 3 टन यानी 4 लाख ग्लव्स बरामद; 1 आरोपी गिरफ्तार


कोरोना संक्रमण के इस काल में नवी मुंबई में इस्तेमाल किए ग्लव्स (दस्तानों) को फिर से धुल कर बाजार में बेचने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। क्राइम ब्रांच द्वारा इस मामले में अब तक एक शख्स की गिरफ्तारी हुई है और एक दर्जन से ज्यादा लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इसकी निशानदेही पर पुलिस ने तीन टन यानी 4 लाख इस्तेमाल किए हुए ग्लव्स बरामद किए हैं।


पुलिस की टीम ने नवी मुंबई एमआईडीसी की एक फैक्ट्री पर छापा मारा तो इन ग्लव्स को धोने और पैकिंग का काम जारी था। नीले रंग के इन लेटेक्स दस्तानों का इस्तेमाल आमतौर पर डॉक्टर और नर्स मरीजों के इलाज के दौरान करते हैं।


किताब छापने की फैक्ट्री में चल रहा था यह गोरखधंधा
मुंबई पुलिस के सीनियर इंस्पेक्टर सुभाष निकम ने बताया कि शहर के एमआईडीसी क्षेत्र के गामी इंडस्ट्रियल पार्क में एक गोदाम पर छापा मारा गया। यहां किताबों की छपाई का काम होता है। इस मामले में फैक्ट्री के मालिक प्रशांत सुर्वे को गिरफ्तार किया गया है।


निकम ने बताया कि आरोपी दस्ताने को साफ करने के लिए वॉशिंग मशीन का इस्तेमाल कर रहा था और उन्हें सुखाने के लिए ब्लोअर का इस्तेमाल कर रहा था। उन्होंने कहा कि जब्त की गई वस्तुओं का मूल्य 6 लाख रुपए से अधिक है। कई हॉस्पिटल के इस गिरोह से जुड़े होने का अंदेशा


पुलिस ने कहा कि अभियुक्त के पास मिले लेटेक्स दस्ताने की मात्रा को देख ऐसा लगता है कि इन्हें किसी हॉस्पिटल से खरीदा गया है। इस मामले में जांच जारी है और इसकी जद में कुछ हॉस्पिटल भी आ सकते हैं। दस्ताने को साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाला केमिकल भी बड़ी मात्रा में बरामद हुआ है।


पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि क्या उन्होंने अब तक किसी को यह पैकेज में बेचा है या नहीं। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 336 (दूसरों की जान को खतरा या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा) और धारा 270 के तहत केस दर्ज किया गया है।